ग्यारहवीं पंचवर्षीय
योजना की
प्राथमिकताये
कृषि
यांत्रिकीकरण
प्रभाग
.फसल
व्यवस्थापन
एवं पौध
सुरक्षा
.बागवानी
फसलों का
यांत्रिकीकरण
.कृषि
हेतु
नैसर्गिक
संसाधन
संरक्षण
.कटाई,गहाई
एवं भूसे का
प्रबंधन
.प्रिसिजन
खेती
.कृषि
में श्रम
विज्ञान एवं
सुरक्षा
सिंचाई एवं
जल निकास
अभियांत्रिकी
प्रभाग
.खेतों
में जल
प्रबंधन की
क्रियाओं में
सुधार
.जल
का
पुनःचक्रीय
अनुरक्षण
(वाटर
हार्वेस्टिंग
एवं
रिसायकिलिंग)
कृषि
प्रसंस्करण
प्रभाग
.बागवानी
की फसलों के
लिये कटाई
उपरांत प्रक्रियाएं
एवं उपकरणों
का विकास तथा
मूल्यांकन
.दालों
एवं
कडधान्यों के
संसाधन हेतु
तकनीक का विकास
.कुछ
चयनित औषधीय
फसलों के लिये
प्रारम्भिक प्रसंस्करण
की तकनीक का
विकास
कृषि ऊर्जा
एवं शक्ति
प्रभाग
.बायोमास
से तरल ईंधन
(बायो
डीजल,बायो
तेल,अल्कोहल
का निर्माण
एवं उपयोग)
.बायो
मास से उष्मीय
रसायन विधि
व्दारा ऊर्जा
सृजन
.कृषि
ऊर्जा का
समुचित
प्रबंधन एवं
उपयोग
प्रौद्योगिकी
प्रसार
प्रभाग
.नवविकसित
कृषि उपकरणों
का
प्रोटोटाइप
निर्माण तथा
निर्माताओं
से सम्पर्क कर
व्यवसायीकरण
करना
.कृषि
अभियांत्रिकी
का क्षेत्रीय
महत्व के विषयों
पर सेमिनार,
प्रदर्शनियों
आदि व्दारा प्रसार
एवं
प्रचार,कृषि
उपकरणों की
आवश्यकतानुसार
उन्हे
प्रोत्साहित
कर किराये पर
या पूर्ण कीमत
पर देश के
निभिन्न
भागों में
उपलब्ध कराना
.तकनीकी
आधार पर
व्यवसायिक
बैठक आयोजित
करना
.प्रसार
विभाग के
कर्मचारियों,विषयवस्तु
विशेषज्ञों
तथा
उद्यमियों की
प्रशिक्षण
व्दारा
क्षमता बढाकर
उनका विकास
करना
सोयाबीन
प्रसंस्करण
एवं उपयोग
केंद्र
.
सोयाबीन के
उपयोग व्दारा
पारंपरिक
भोजन के पोषक
तत्वों का
उचित संवर्धन
एवं खाद्य
सुरक्षा हेतु
भरपूर उपयोग
.प्रचार-प्रसार,
प्रौद्योगिकी
हस्तांतरण,प्रशिक्षण,कंस्लटेंसी
एवं संसाधन
उत्पादन व्दारा
विभिन्न
लोगों एवं
घटकों को
रोजगार उपलब्ध
कराना